क्यो हर लम्हा
क्यों हर लम्हा
दिल मेरा तुम्हें याद करता है,
क्यों हर लम्हा
मेरी आंखें तुम्हारे लिए ही तरसती हैं,
क्यो हर लम्हा
मुझे तुम्हारा इंतजार रहता है,
क्यों हर लम्हा
मुझे ऐसा लगता है जैसे कि तुम आने वाले हो,
क्यों हर लम्हा
मैं तुम्हारी बातें ही सोचती रहती हूं
क्यों हर लम्हा
मेरी आंखों में तुम्हारे ही सपने होते हैं
क्यो हर लम्हा
मेरे ख्यालों में तुम ही होते हो,
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